Colossal का नया AI प्लेटफॉर्म GenoMorph लॉन्च
मूल शीर्षक: Colossal Biosciences announces new AI platform to help accelerate de-extinction efforts
यह क्यों महत्वपूर्ण है
यह प्लेटफॉर्म सीमित DNA डेटा वाली विलुप्त प्रजातियों के अध्ययन में AI के नए उपयोग को दर्शाता है।
Colossal Biosciences ने बुधवार को GenoMorph नामक AI प्लेटफॉर्म लॉन्च किया, जो सीमित genome डेटा से विलुप्त प्रजातियों को वापस लाने के लिए जरूरी gene editing targets की पहचान करेगा। दodo bird पुनर्जीवन परियोजना में अभी केवल एक genome उपलब्ध है।
Colossal Biosciences ने GenoMorph प्लेटफॉर्म विकसित किया है, जो 3D morphology, comparative genomics, और developmental biology की मदद से यह पता लगाता है कि किन genes को edit करने की जरूरत है — खासकर तब, जब genome डेटा बेहद कम हो।
कंपनी इस प्लेटफॉर्म का उपयोग dodo bird को वापस लाने की कोशिश में कर रही है। इस परियोजना में केवल एक dodo genome उपलब्ध है, जबकि woolly mammoth परियोजना में 100 genome मिले हैं। CEO Ben Lamm के अनुसार, ठंडे इलाकों में DNA बेहतर सुरक्षित रहता है, इसलिए mammoth का DNA अधिक मात्रा में मिलता है।
GenoMorph को बनाने में एक साल से अधिक का समय लगा। इसके लिए मुर्गी, बटेर, बतख और कबूतर का developmental data इकट्ठा किया गया और 70 से अधिक पक्षी प्रजातियों के genetic information व 3D skull measurements को जोड़ा गया। Lamm ने इसे dodo genome का 'treasure map' बताया।
अब तक GenoMorph ने dodo की cranial facial morphology के लिए लगभग 2,300 संभावित DNA editing targets की पहचान की है, जिन्हें lab में परीक्षण किया जाएगा। साथ ही, कंपनी ने lipid nanoparticles आधारित एक नई प्रणाली विकसित की है, जो gene-editing tools को सीधे विकसित हो रहे bird embryos में पहुंचाती है। इससे पूरे breeding cycle की प्रतीक्षा किए बिना genetic बदलावों का प्रभाव देखा जा सकेगा।