化石燃料2社がデータセンターに巨額投資

मूल शीर्षक: Two Fossil Fuel Companies Are Betting Big on Data Centers

यह क्यों महत्वपूर्ण है

AI की ऊर्जा माँग जीवाश्म ईंधन उद्योग को नया विस्तार दे रही है, जिसका जलवायु लक्ष्यों पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकता है।

अमेरिकी तेल और गैस कंपनियाँ Chevron और Williams, AI डेटा सेंटर की बढ़ती ऊर्जा माँग को पूरा करने के लिए गैस-फायर्ड पावर प्लांट और पाइपलाइन में अरबों डॉलर का निवेश कर रही हैं। BloombergNEF की रिपोर्ट के अनुसार 2030 के मध्य तक अमेरिका को प्राकृतिक गैस उत्पादन 36% बढ़ाना होगा।

AI बूम के चलते डेटा सेंटर्स की बिजली माँग तेज़ी से बढ़ रही है, जिससे अमेरिकी तेल-गैस कंपनियाँ Williams और Chevron को नया बाज़ार मिल गया है। दोनों कंपनियों ने अपनी दूसरी तिमाही की कमाई रिपोर्ट में इसे बड़े अवसर के रूप में निवेशकों के सामने पेश किया।

Williams अमेरिका की सबसे बड़ी तेल-गैस इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में से एक है। कंपनी ने "behind-the-meter" यानी ग्रिड से अलग, सीधे डेटा सेंटर को बिजली देने वाले 6 गैस पावर प्लांट बनाने की परियोजना शुरू की है। इनमें से 4 प्लांट Ohio में Meta के डेटा सेंटर्स की सेवा के लिए हैं। जुलाई 2025 के मध्य में Williams ने private equity फर्म KKR सहित $5 बिलियन से अधिक का निवेश इन परियोजनाओं में घोषित किया।

पर्यावरण की दृष्टि से यह चिंताजनक है। केवल इन दोनों कंपनियों के 7 में से 5 डेटा सेंटर-संबद्ध पावर प्लांट सालाना 2.1 करोड़ टन तक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जित कर सकते हैं — यह Guatemala के वार्षिक उत्सर्जन के बराबर है। Williams के अनुसार उनके प्लांट अनुमति सीमा से काफी नीचे रहकर काम करेंगे।

BloombergNEF के ग्लोबल हेड Ashish Sethia का कहना है कि डेटा सेंटर अमेरिका में बिजली और गैस माँग का प्रमुख चालक बन रहे हैं। वहीं Friends of the Earth के Lukas Shankar-Ross ने इसे उस उद्योग की "जीवनरेखा" बताया जिसे चरणबद्ध तरीके से बंद करने की ज़रूरत है।

स्रोत

wired.com — मूल लेख पढ़ें →