Meta ने ब्राज़ीली कोर्ट का आदेश नज़रअंदाज़ किया
मूल शीर्षक: Meta Ignores Brazilian Court Order to End Bolsonaro Favoritism
यह क्यों महत्वपूर्ण है
चुनावी दौर में AI और सोशल मीडिया रैंकिंग की निष्पक्षता पर यह मामला वैश्विक नीति-निर्माताओं के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल बन सकता है।
Sleeping Giants Brasil और CTRL+Z ने सोमवार को Brazil के Superior Electoral Court में नए सबूत पेश किए, जिनमें दावा है कि Meta के Instagram, WhatsApp और Meta AI टूल्स राष्ट्रपति Lula को नकारात्मक सामग्री से जोड़ रहे हैं और Flávio Bolsonaro को फ़ायदा दे रहे हैं — कोर्ट के आदेश के बावजूद।
Brazil में 2026 के चुनाव से पहले दो संगठनों — Sleeping Giants Brasil और CTRL+Z — ने Superior Electoral Court के जस्टिस Marco Aurélio Bellizze को एक याचिका सौंपी। इसमें Meta पर राष्ट्रपति Luiz Inácio Lula da Silva (Workers' Party) और सीनेटर Flávio Bolsonaro (Liberal Party) के बीच असमान व्यवहार का आरोप है।
सबूतों में WhatsApp पर "brasil" शब्द से GIF खोजने पर Flávio Bolsonaro की तस्वीर पहले नतीजे में आना शामिल है — और तीन अलग-अलग अकाउंट्स पर यही परिणाम दिखा। Instagram पर भी "brasil" सर्च में Bolsonaro की तीन तस्वीरें शीर्ष पर थीं, जबकि Lula का नाम केवल टेक्स्ट में था, कोई फोटो नहीं।
दूसरी ओर, "ladrão" (चोर) GIF खोज पर Lula की कैरिकेचर जेल की पोशाक में दिखी। साथ ही "Workers' Party को सपोर्ट करना मानसिक बीमारी है" जैसे संदेश भी आए। Instagram पर hashtag सर्च में "lula" टाइप करने पर "#lulaladrão" पहला सुझाव था, जबकि "bolsonaro" टाइप करने पर आलोचनात्मक "#bolsonaronuncamais" सबसे अंत में था।
दोनों संगठनों ने कोर्ट से 24 घंटे में सुधार का आदेश देने, Meta से AI रैंकिंग की व्याख्या मांगने और पहले से तय R$500,000 (लगभग $99,000) प्रतिदिन का जुर्माना लागू करने की मांग की है। यह खबर पत्रकार Mônica Bergamo ने Folha de S.Paulo में सबसे पहले प्रकाशित की।