UTC में Leap Second जोड़ना बंद होगा
मूल शीर्षक: BIPM decides to stop adding leap seconds to UTC
यह क्यों महत्वपूर्ण है
Leap second की समाप्ति से वैश्विक digital नेटवर्क और GPS जैसी प्रणालियों में timing errors का खतरा घटेगा।
BIPM की CGPM ने 2026 में Resolution 5 पारित कर UTC में leap second जोड़ने की प्रथा समाप्त करने का निर्णय लिया। यह अंतरराष्ट्रीय समय-मापन में एक ऐतिहासिक बदलाव है।
Bureau International des Poids et Mesures (BIPM) की 28वीं Conférence Générale des Poids et Mesures (CGPM) ने 2026 में Resolution 5 पारित किया, जिसके तहत Coordinated Universal Time (UTC) में leap second जोड़ने की दशकों पुरानी परंपरा को समाप्त करने का फैसला किया गया। Leap second वह अतिरिक्त सेकंड है जिसे पृथ्वी की घूर्णन गति और परमाणु घड़ियों के बीच के अंतर को संतुलित करने के लिए UTC में समय-समय पर जोड़ा जाता रहा है। 1972 से अब तक कुल 27 leap seconds जोड़े जा चुके हैं। BIPM के Time Department के अनुसार, आधुनिक digital नेटवर्क, GPS प्रणाली और वैश्विक communication infrastructure के लिए leap second एक तकनीकी जोखिम बन चुका था, क्योंकि इसके कारण software crash और timing error की घटनाएँ सामने आई हैं। इस निर्णय के बाद UTC और पृथ्वी की घूर्णन-आधारित UT1 समय के बीच का अंतर भविष्य में बढ़ता रहेगा। BIPM ने यह भी स्पष्ट किया कि इस अंतर को नियंत्रित करने के लिए दीर्घकालिक विकल्पों पर विचार जारी रहेगा।