कनेक्टेड कार आपका डेटा बेच रही है
मूल शीर्षक: Automatic Transmission – a data-privacy study of connected vehicles
यह क्यों महत्वपूर्ण है
यह अध्ययन connected vehicle industry में data sharing की पहली व्यवस्थित माप है, जो नियामक बहस को नई दिशा दे सकता है।
Northeastern University और Consumer Reports ने 21 वाहनों व 30 apps का अध्ययन किया। 19/21 वाहन third-party domains से जुड़े मिले; 7 apps ने trackers को PII भेजा। यह अक्टूबर 2024 से अगस्त 2025 के बीच किया गया पहला बड़े पैमाने का connected vehicle privacy अध्ययन है।
Northeastern University के शोधकर्ताओं ने Consumer Reports के साथ मिलकर अमेरिकी बाज़ार के 21 late-model वाहनों और 30 companion mobile apps की जाँच की। यह fleet अगर खुद खरीदी जाती तो $1.2 मिलियन से अधिक की होती। अध्ययन IMC '26 में peer-reviewed paper के रूप में प्रकाशित होगा।
मुख्य निष्कर्ष सीधे हैं: परीक्षण किए गए 21 में से 19 वाहन Wi-Fi के ज़रिए कम से कम एक third-party domain से संपर्क करते हैं। इनमें advertisers और trackers शामिल हैं। 30 apps में से 7 ने sensitive identifiers यानी PII (personally identifiable information) third-party companies को भेजी, और 5 apps ने VIN (वाहन पहचान संख्या) के साथ अन्य PII trackers तक पहुँचाई।
शोधकर्ताओं ने वाहनों और apps — दो अलग-अलग बिंदुओं से डेटा प्रवाह को intercept किया। उनका कहना है कि एक बार डेटा manufacturer या third-party server पर पहुँच जाए, तो उपभोक्ता का उस पर कोई नियंत्रण नहीं रहता। कंपनियाँ इसे बिना बताए आगे share या बेच सकती हैं।
टीम ने manufacturers को disclosure process के तहत सूचित किया और उनकी प्रतिक्रियाओं का भी दस्तावेज़ीकरण किया, हालाँकि विस्तृत ब्यौरा paper में है। वैश्विक स्तर पर बिकने वाले 75% से अधिक वाहनों में connected technology अंतर्निर्मित है।
स्रोत
automatictransmission.khoury.northeastern.edu — मूल लेख पढ़ें →