AI ने ETH को गलत साबित किया

मूल शीर्षक: An AI Breakthrough Has Made Decades of Computer Science Research ‘Irrelevant’

यह क्यों महत्वपूर्ण है

ETH के गलत साबित होने से algorithm design की दिशा बदल सकती है और AI की क्षमताओं पर नई बहस छिड़ सकती है।

Anthropic और OpenAI ने दावा किया कि उन्होंने 27 साल पुरानी Exponential Time Hypothesis (ETH) को गलत साबित कर दिया। इससे दशकों की Computer Science Research पर सवाल उठ गए हैं।

Theoretical Computer Science की एक बुनियादी मान्यता — Exponential Time Hypothesis (ETH) — को इस सप्ताह OpenAI और Anthropic दोनों ने AI-generated proofs के ज़रिए गलत साबित करने का दावा किया। ETH का आधार यह था कि कुछ खास समस्याओं को हल करने में लगने वाला समय, समस्या के आकार के साथ exponentially बढ़ता है। इसी परिकल्पना पर complexity theory और algorithm design का विशाल शोध-ढाँचा टिका था।

Linköping University के प्रोफ़ेसर Peter Jonsson का कहना है कि उनका काम जो दो सप्ताह बाद IEEE Symposium on Foundations of Computer Science में प्रस्तुत होने वाला था, अब "मृत" हो गया है। UC Santa Barbara के प्रोफ़ेसर Daniel Lokshtanov के अनुमान के मुताबिक़ यदि यह नतीजा सही साबित हुआ, तो उनके लगभग 50 शोध-पत्र या तो "बेकार" हो जाएँगे या उन्हें दोबारा देखना पड़ेगा।

दोनों कंपनियों ने proofs को GitHub पर natural language और machine-checkable Lean format में प्रकाशित किया है। OpenAI ने UC Santa Barbara और MIT के शोधकर्ताओं को इन proofs की जाँच के लिए आमंत्रित किया है और एक conference fund करने की प्रतिबद्धता भी जताई है। IT University of Copenhagen के Thore Husfeldt, जिन्होंने स्वयं इस hypothesis का एक version तैयार किया था, ने इसे "once-in-a-generation result" और "fantastic" बताया — उनके शब्दों में, शोधकर्ता अब "overexcited bunnies" की तरह नई संभावनाएँ खोज रहे हैं।

स्रोत

wired.com — मूल लेख पढ़ें →