अमेरिका चाँद पर पहुँच सकता है, ईरानियों को ऑनलाइन क्यों नहीं ला सकता

मूल शीर्षक: The US Can Put People on the Moon. Why Can’t It Get Iranians Online?

यह क्यों महत्वपूर्ण है

इंटरनेट स्वतंत्रता और सूचना पहुंच भू-राजनीतिक संघर्षों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं

वाशिंगटन पोस्ट के पूर्व तेहरान ब्यूरो चीफ जेसन रज़ाइयन ने कहा कि ईरानी शासन द्वारा इंटरनेट ब्लैकआउट के कारण ईरानी लोगों की आवाज़ दबी हुई है। उन्होंने 2014 में जासूसी के आरोप में दो साल जेल काटी थी।

वाशिंगटन पोस्ट के पूर्व तेहरान ब्यूरो चीफ जेसन रज़ाइयन ने WIRED के साथ एक विस्तृत साक्षात्कार में अमेरिका-ईरान संबंधों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि 1979 से अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष चल रहा है। रज़ाइयन को 2014 में ईरानी शासन ने जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया था और लगभग दो साल जेल में रखा गया था, बाद में कैदी अदला-बदली के तहत रिहा किया गया।

वर्तमान में अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के बारे में रज़ाइयन ने कहा कि ईरानी शासन द्वारा लगाया गया राष्ट्रव्यापी इंटरनेट ब्लैकआउट मुख्य कारण है जिससे ईरानी लोगों की आवाज़ दुनिया तक नहीं पहुँच रही। उन्होंने यह भी बताया कि ईरान में स्वतंत्र पत्रकारिता और विदेशी संवाददाताओं की कमी इस समस्या को बढ़ाती है।

रज़ाइयन अब वाशिंगटन पोस्ट में प्रेस फ्रीडम इनिशिएटिव के डायरेक्टर हैं। उन्होंने 9.3 करोड़ ईरानी नागरिकों पर इस युद्ध के प्रभाव की चिंता जताई।

स्रोत

wired.com — मूल लेख पढ़ें →