US Spyware कंपनी Paragon के राज़ उजागर

मूल शीर्षक: The Secrets of the US Spyware King

यह क्यों महत्वपूर्ण है

Spyware उद्योग में 'जिम्मेदार विक्रेता' का दावा करने वाली कंपनियों की असली सीमाएँ सार्वजनिक हो रही हैं।

Paragon Solutions के CEO Andrew Boyd ने WIRED को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में स्वीकार किया कि कंपनी के पास Graphite spyware के दुरुपयोग को तकनीकी रूप से पकड़ने की कोई क्षमता नहीं है और न ही कोई 'kill switch' मौजूद है।

Paragon Solutions खुद को spyware उद्योग का 'अच्छा खिलाड़ी' बताती रही है — वादा करती है कि वह तानाशाही सरकारों को अपना software नहीं बेचती और दुरुपयोग पर तुरंत contract रद्द करती है। लेकिन CEO Andrew Boyd के खुलासों ने इस छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

दिसंबर 2024 में अमेरिकी equity firm AE Industrial Partners ने Paragon को खरीदा और उसे REDLattice से मिला दिया। इसके कुछ हफ्तों बाद WhatsApp ने आरोप लगाया कि Paragon के Graphite spyware से 20 से अधिक देशों में 60 से ज़्यादा लोगों के फोन हैक किए गए, जिनमें पत्रकार और कार्यकर्ता शामिल थे। Citizen Lab ने Italy में दो पत्रकारों और दो कार्यकर्ताओं की पहचान की।

Paragon ने Italy की खुफिया एजेंसियों से contracts रद्द कर दिए — लेकिन Boyd ने WIRED को बताया कि यह किसी जाँच के बाद नहीं, बल्कि 'risk perspective' से लिया गया फैसला था। कंपनी ने WhatsApp या Citizen Lab से विस्तृत जानकारी माँगने की भी कोशिश नहीं की।

सबसे बड़ा खुलासा: Paragon तकनीकी रूप से यह नहीं जान सकती कि उसके ग्राहक किसे निशाना बना रहे हैं या क्या डेटा निकाल रहे हैं। दुरुपयोग तभी पता चलता है जब ग्राहक खुद बताएँ या कोई तीसरा पक्ष उजागर करे। 'kill switch' भी नहीं है — केवल support और updates रोके जा सकते हैं। Boyd के अनुसार, बिना updates के system लगभग 12 घंटों में निष्प्रभावी हो जाता है।

स्रोत

wired.com — मूल लेख पढ़ें →