Taylor Swift ने AI खतरों से बचने के लिए अपनी आवाज़ और छवि को ट्रेडमार्क कराया
मूल शीर्षक: Taylor Swift Moves to Trademark Her Voice and Image as AI Threats Grow
यह क्यों महत्वपूर्ण है
AI युग में सेलिब्रिटी अधिकारों की सुरक्षा के लिए नई कानूनी रणनीति का उदाहरण है।
Taylor Swift ने 24 अप्रैल 2026 को अपनी आवाज़ और छवि की सुरक्षा के लिए नए ट्रेडमार्क आवेदन दाखिल किए। दो साउंड मार्क "Hey, it's Taylor Swift" और "Hey, it's Taylor" के लिए हैं, तथा एक विशिष्ट दृश्य छवि के लिए है।
Taylor Swift ने AI द्वारा उत्पन्न खतरों से बचाव के लिए अपनी आवाज़ और छवि को ट्रेडमार्क कराने हेतु आवेदन दाखिल किए हैं। 24 अप्रैल 2026 को दाखिल इन आवेदनों में दो "साउंड मार्क" शामिल हैं - "Hey, it's Taylor Swift" और "Hey, it's Taylor"। तीसरा आवेदन एक विशिष्ट दृश्य छवि के लिए है जिसमें Swift गुलाबी गिटार के साथ रंगबिरंगी बॉडीसूट में दिखाई गई हैं। यह रणनीति AI-जनरेटेड सामग्री की बढ़ती समस्या के जवाब में अपनाई गई है, जहाँ कलाकारों की आवाज़ और छवि का अनधिकृत उपयोग हो रहा है। Actor Matthew McConaughey ने भी हाल ही में समान ट्रेडमार्क दाखिल किए हैं। साउंड मार्क का यह उपयोग नया है, जबकि Netflix का "tu-dum" और NBC की "chimes" पहले से पंजीकृत हैं। पारंपरिक कॉपीराइट कानून AI-जनरेटेड सामग्री से पर्याप्त सुरक्षा नहीं देता, इसलिए ट्रेडमार्क कानून एक अतिरिक्त सुरक्षा परत प्रदान कर सकता है।