विज्ञापनों से 0-क्लिक मैलवेयर हमला
मूल शीर्षक: Targeted ads delivered 0-click exploits to install mercenary malware
यह क्यों महत्वपूर्ण है
विज्ञापन नेटवर्क का हथियार के रूप में इस्तेमाल पूरे डिजिटल विज्ञापन तंत्र की सुरक्षा पर सवाल खड़ा करता है।
Ars Technica की रिपोर्ट के अनुसार, टार्गेटेड विज्ञापनों के ज़रिए 0-click exploit का उपयोग कर भाड़े के मैलवेयर (mercenary malware) को लक्षित उपकरणों पर बिना किसी उपयोगकर्ता क्रिया के इंस्टॉल किया गया।
Ars Technica की सुरक्षा रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि हमलावरों ने सामान्य डिजिटल विज्ञापन नेटवर्क का दुरुपयोग करते हुए 0-click exploit डिलीवर किए — यानी ऐसे हमले जिनमें पीड़ित को किसी लिंक पर क्लिक करने या कोई फ़ाइल खोलने की ज़रूरत नहीं होती। विज्ञापन लोड होते ही डिवाइस में सेंध लग जाती है।
इस अभियान में mercenary malware — यानी वाणिज्यिक आधार पर बेचा जाने वाला जासूसी सॉफ़्टवेयर — इंस्टॉल किया गया, जो Pegasus जैसे उपकरणों की श्रेणी में आता है। टार्गेटिंग इतनी सटीक थी कि विशेष व्यक्तियों तक ही यह विज्ञापन पहुँचाए गए, जिससे पता चलता है कि हमलावरों के पास विज्ञापन प्लेटफ़ॉर्म तक या तो पहुँच थी या उन्होंने उसे खरीदा था।
0-click हमले browser या OS की unpatched कमज़ोरियों का फ़ायदा उठाते हैं। विज्ञापन नेटवर्क की व्यापक पहुँच इसे एक असाधारण रूप से खतरनाक वितरण तंत्र बनाती है, क्योंकि लाखों वेबसाइटें एक ही ad network से विज्ञापन दिखाती हैं। अब तक प्रभावित व्यक्तियों की संख्या और किस ad network का उपयोग हुआ, इसकी आधिकारिक पुष्टि सीमित है।