宇宙レーザーで初の衛星間エネルギー伝送実験

मूल शीर्षक: Space Lasers Are About to Get Their First Real Test Generating Energy

यह क्यों महत्वपूर्ण है

अंतरिक्ष में data center और उपग्रह उद्योग के विस्तार के लिए wireless power transmission एक बुनियादी ज़रूरत है — यह परीक्षण उस दिशा में पहला व्यावहारिक कदम है।

अमेरिकी स्टार्टअप Star Catcher इस सप्ताह SpaceX रॉकेट से अपना प्रोटोटाइप सिस्टम 'Protostar' लॉन्च कर रहा है। यह पहली बार होगा जब दो अलग-अलग अंतरिक्षयानों के बीच laser से ऊर्जा प्रेषित की जाएगी। कंपनी को $65 मिलियन फंडिंग और US Space Force से $30 मिलियन का अनुदान मिला है।

Florida के Jacksonville स्थित Star Catcher का लक्ष्य अंतरिक्ष में सौर ऊर्जा एकत्र कर laser के माध्यम से दूसरे उपग्रहों तक पहुँचाना है। कंपनी के CEO Andrew Rush के अनुसार, अभी तक अंतरिक्ष में कोई 'पावर ग्रिड' नहीं है — हर उपग्रह अपनी सीमित बैटरी पर निर्भर है।

Star Catcher का सिस्टम 'power nodes' का उपयोग करता है जो सूर्य की रोशनी को lenses से एकत्र कर विशेष wavelength में परिवर्तित करते हैं। कंपनी का दावा है कि यह सामान्य सूर्यप्रकाश से 10 गुना अधिक ऊर्जा प्रदान कर सकता है। फिर यह laser beam को जरूरतमंद उपग्रहों की solar panels की ओर निर्देशित करता है।

इस सप्ताह लॉन्च होने वाला Protostar उपग्रह एक छोटे cubesat को ट्रैक कर उसे ऊर्जा भेजेगा — दोनों एक साथ रॉकेट से अलग होंगे। Max Planck Institute की शोधकर्ता Hanieh Fattahi के अनुसार, घटती launch लागत इस तकनीक को व्यावहारिक बना रही है।

वाणिज्यिक दृष्टि से भी कंपनी की स्थिति मजबूत दिखती है: 40 letters of intent और 10 दीर्घकालिक power purchase agreements पहले ही हस्ताक्षरित हो चुके हैं। उसी SpaceX मिशन में Google का पहला space-based data center भी सवार है, जो इस क्षेत्र में बढ़ती रुचि का संकेत देता है। Rush का कहना है कि दशक के अंत तक commercial power provisioning सेवाएँ शुरू हो जाएंगी।

स्रोत

wired.com — मूल लेख पढ़ें →