Scimplify ने $25M जुटाए, AI से चीन को चुनौती

मूल शीर्षक: Scimplify raises $25M to challenge China’s grip on critical materials with AI

यह क्यों महत्वपूर्ण है

चीन पर critical materials की निर्भरता घटाने की वैश्विक कोशिशों में AI-संचालित भारतीय विकल्प की बढ़ती भूमिका महत्वपूर्ण है।

भारतीय स्टार्टअप Scimplify ने $25 मिलियन का strategic round जुटाया है। Hitachi Ventures ने नेतृत्व किया, Henkel और Teknor Apex नए निवेशक बने। कंपनी का मूल्यांकन अब $250 मिलियन है।

बेंगलुरु स्थित Scimplify ने specialty chemicals और critical materials के उत्पादन में AI का उपयोग कर चीन पर निर्भरता घटाने का लक्ष्य रखा है। यह all-equity strategic round Hitachi Ventures की अगुवाई में बंद हुआ, जिसमें ग्राहक कंपनियाँ Henkel और Teknor Apex ने भी निवेश किया। मौजूदा निवेशक Accel India, Bertelsmann India Investments, Omnivore और 3one4 Capital भी इसमें शामिल रहे।

मार्च 2025 में $40 मिलियन के Series B round के बाद कंपनी का मूल्यांकन $150 मिलियन था, जो अब बढ़कर $250 मिलियन हो गया है। कुल equity funding अब $80 मिलियन हो चुकी है।

2023 में स्थापित इस स्टार्टअप ने कुछ मामलों में ग्राहक की ज़रूरत मिलने से लेकर तैयार सामग्री पहुँचाने तक का काम महज दो महीने में किया है, जबकि आमतौर पर यह प्रक्रिया 12 से 18 महीने लेती है। कंपनी के सह-संस्थापक Sachin Santhosh ने TechCrunch को बताया कि उनका AI platform Scinode विभिन्न उत्पादन मार्गों की पहचान करता है और गुणवत्ता व नियामक आवश्यकताओं पर नज़र रखता है।

Scimplify के पास वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की अपनी टीम है जो 500 से अधिक manufacturing facilities के नेटवर्क की निगरानी करती है। फिलहाल कंपनी का लगभग 90% उत्पादन भारत में होता है। semiconductors, रक्षा और ऊर्जा क्षेत्र इसके प्रमुख विकास बाज़ार हैं।

स्रोत

techcrunch.com — मूल लेख पढ़ें →