Satlyt का सफल परीक्षण: उपग्रह बनेंगे डेटा सेंटर
मूल शीर्षक: Satlyt takes another step toward turning satellites into space data centers
यह क्यों महत्वपूर्ण है
अंतरिक्ष में computing करने से satellite data की latency और ground dependency दोनों घटेंगी, जो AI applications के लिए बड़ा बदलाव होगा।
अमेरिकी स्टार्टअप Satlyt ने अक्टूबर 2026 में University of Houston और NASA-funded परियोजना के तहत कक्षा में software परीक्षण किया, जो उपग्रहों को computing network में बदलने की दिशा में अहम कदम है।
Google और SpaceX में काम कर चुके Rama Afullo ने 2024 में Satlyt की स्थापना की। कंपनी का लक्ष्य है मौजूदा उपग्रहों को अंतरिक्ष में ही data processing network में तब्दील करना — यानी ground पर data भेजने की निर्भरता घटाना।
13 महीने की मेहनत के बाद इस महीने एक परीक्षण हुआ। इसमें 4 computers, 4 users और 8 services का simulated network बनाया गया। Software ने तय किया कि computing और communication की उपलब्धता के आधार पर कौन-सा task किस computer पर चले। इस परीक्षण में orbit में सिर्फ एक असली spacecraft computer था, बाकी तीन simulation थे।
Afullo के अनुसार, इस system में users को केवल permissions, priorities और operating limits तय करने होंगे — बाकी निर्णय software खुद लेगा। Satlyt का software पहले से तीन उपग्रहों में मौजूद है।
परीक्षण के नतीजे में एक trade-off सामने आया: सबसे कारगर तरीके में computing power ज़्यादा लगती है। अब अगला चरण है — यह देखना कि जब एक साथ कई असली computers हों, तो वे आपस में कैसे data साझा करते हैं।
NASA ने अभी तक Satlyt को किसी विशेष mission के लिए नहीं चुना है, हालांकि agency खुद भी अंतरिक्ष में data transfer के लिए नई तकनीक का उपयोग इसी साल से शुरू कर चुकी है। Satlyt इस साल TechCrunch Disrupt Battle के top 5 में रही।