Pokémon Go स्कैन से सैन्य ड्रोन नेवीगेशन तकनीक विकसित
मूल शीर्षक: Pokémon Go Scans Trained the Navigation Tech for Military Drones
यह क्यों महत्वपूर्ण है
मोबाइल गेम डेटा से सैन्य तकनीक विकास का नया मॉडल दिखाता है।
30 अरब Pokémon Go स्कैन से Niantic Spatial ने Visual Positioning System विकसित किया। दिसंबर 2025 में रक्षा फर्म Vantor के साथ साझेदारी कर GPS-रहित सैन्य ड्रोन संचालन के लिए तकनीक तैयार की गई।
करोड़ों Pokémon Go खिलाड़ियों ने गेम में इनाम पाने के लिए सड़कों, पार्कों और इमारतों के वीडियो बनाए। Niantic Spatial ने इन 30 अरब पर्यावरणीय स्कैन का उपयोग कैमरा-आधारित नेवीगेशन मॉडल प्रशिक्षित करने के लिए किया, जो अब सैन्य ड्रोन और रोबोट में इस्तेमाल होगी। 2021 से Pokémon Go खिलाड़ी Pokéstops के वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे, जिसके बदले में उन्हें गेम आइटम मिलते थे। Niantic ने इन स्कैन के लिए अलग से अनुमति मांगी थी, जिसमें तीसरे पक्षों को डेटा बेचने का अधिकार शामिल था। दिसंबर 2025 में Niantic Spatial ने रक्षा कंपनी Vantor के साथ साझेदारी की घोषणा की। यह Visual Positioning System (VPS) GPS सिग्नल फेल होने पर कैमरे की मदद से स्थान निर्धारण करता है। 34 वर्षीय डच खिलाड़ी Floris De Hingh ने कहा कि उन्हें पता नहीं था कि उनके स्कैन सैन्य ड्रोन में उपयोग होंगे।