Passkeys: सुविधाजनक पर खतरनाक?

मूल शीर्षक: Passkeys are a trap. Do not use them

यह क्यों महत्वपूर्ण है

Passkeys को लेकर उपयोगकर्ता नियंत्रण और कॉर्पोरेट हितों का यह टकराव डिजिटल पहचान की दिशा तय करेगा।

Substack पर प्रकाशित एक विश्लेषण में दावा किया गया है कि Passkeys उपयोगकर्ताओं के हित में नहीं, बल्कि Big Tech, बैंकों और खुफिया एजेंसियों के हित में बनाए गए हैं। FIDO Alliance में कोई उपभोक्ता संरक्षण समूह शामिल नहीं है।

लेखक का तर्क है कि Passkeys की सबसे बड़ी कमज़ोरी यह है कि उन पर उपयोगकर्ता का पूर्ण नियंत्रण नहीं होता। Passwords के साथ आप तय कर सकते हैं कि उन्हें कहाँ सहेजें या किसे दें। Authenticator Apps आपस में बदले जा सकते हैं। Physical Security Keys किसी विश्वसनीय व्यक्ति को सौंपी जा सकती हैं। लेकिन Passkeys में एक छिपी हुई व्यवस्था है जिसके ज़रिए वेबसाइटें धीरे-धीरे यह नियंत्रण आपसे छीन सकती हैं।

Passkeys का निर्माण FIDO Alliance ने किया है — एक ऐसा संघ जिसमें Big Tech कंपनियाँ, राष्ट्रीय सरकारें, खुफिया एजेंसियाँ, बैंक और Mozilla जैसे कुछ गैर-लाभकारी संगठन शामिल हैं। लेखक के अनुसार इनमें से हर सदस्य की अपनी स्वार्थपूर्ण प्राथमिकताएँ हैं — Big Tech विज्ञापन बेचना चाहता है, खुफिया एजेंसियाँ ट्रैकिंग, बैंक देनदारी से मुक्ति। सबसे चिंताजनक बात यह है कि Alliance में एक भी उपभोक्ता संरक्षण संगठन नहीं है।

तुलना के लिए लेखक ने W3C का उदाहरण दिया, जिसमें विश्वविद्यालय, सार्वजनिक हित समूह और Tim Berners-Lee जैसे व्यक्ति शामिल हैं। लेखक यह भी मानते हैं कि Passwords असुरक्षित हैं — SolarWinds का 'solarwinds123' और Hawaii की मिसाइल चेतावनी एजेंसी का sticky note वाला पासवर्ड इसके उदाहरण हैं। लेकिन उनका कहना है कि यह समस्या Two-Factor Authentication जैसे मौजूदा विकल्पों से पहले ही हल हो चुकी थी।

स्रोत

nonfunctional.substack.com — मूल लेख पढ़ें →