NASA चाँद पर न्यूक्लियर रिएक्टर लगाने की योजना
मूल शीर्षक: NASA Wants to Put Nuclear Reactors on the Moon
यह क्यों महत्वपूर्ण है
चीन के साथ अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी प्रतिस्पर्धा में यह चंद्र आधार और दीर्घकालिक अंतरिक्ष मिशन के लिए महत्वपूर्ण है।
व्हाइट हाउस ने घोषणा की कि NASA रक्षा और ऊर्जा विभागों के साथ मिलकर 2030 तक चाँद की सतह और कक्षा में न्यूक्लियर रिएक्टर स्थापित करेगा। यह अमेरिकी अंतरिक्ष श्रेष्ठता सुनिश्चित करने के लिए है।
व्हाइट हाउस Office of Science and Technology Policy ने संघीय एजेंसियों के लिए नई दिशा-निर्देशों का दस्तावेज़ जारी किया है जो आने वाले वर्षों में अंतरिक्ष न्यूक्लियर प्रौद्योगिकी रोड मैप स्थापित करेगा। वर्तमान में अंतरिक्ष उपकरण सोलर पावर का उपयोग करते हैं, लेकिन यह जटिल उद्देश्यों के लिए अव्यावहारिक माना जाता है। रिएक्टर न्यूक्लियर फिशन के माध्यम से वर्षों तक निरंतर ऊर्जा प्रदान करते हैं। अमेरिकी लक्ष्य 2028 तक कक्षा में मध्यम-शक्ति रिएक्टर और 2030 तक चाँद की सतह पर पहला कार्यात्मक बड़ा रिएक्टर स्थापित करना है। रिएक्टरों में कम से कम 20 किलोवाट बिजली उत्पादन क्षमता होनी चाहिए - कक्षा में तीन साल और चंद्र सतह पर पांच साल तक। NASA प्रशासक Jared Isaacman ने कहा कि अमेरिका के लिए अंतरिक्ष में न्यूक्लियर पावर पर काम शुरू करने का समय आ गया है।