जापान का TRON OS: जब अमेरिका ने रोका

मूल शीर्षक: Japan tried to build an operating system for the world, the US intervened

यह क्यों महत्वपूर्ण है

यह घटना दर्शाती है कि कैसे भू-राजनीतिक और व्यापारिक दबाव तकनीकी नवाचार को प्रभावित कर सकते हैं, जो आज के AI और chip technology संघर्षों के लिए प्रासंगिक सबक है।

1984 में टोक्यो विश्वविद्यालय के Ken Sakamura ने TRON Operating System Project शुरू किया। BTRON का desktop variant 1989 में अमेरिकी व्यापार बाधा रिपोर्ट में नामित हुआ और जापानी स्कूलों में इसे लागू करने की योजना व्यावहारिक रूप से रद्द हो गई।

1984 में टोक्यो विश्वविद्यालय के शोधकर्ता Ken Sakamura ने TRON (The Real-time Operating system Nucleus) Project की शुरुआत की। इसका लक्ष्य था एक संपूर्ण जापानी computing infrastructure तैयार करना — washing machine के microcontroller से लेकर office workstation और telecom switch तक सब कुछ।

इस project में पाँच उप-architecture थे: ITRON (embedded real-time systems), BTRON (personal computers), CTRON (mainframes और telecom), MTRON (cross-system coordination), और STRON (hardware kernel implementation)। Project ने अपना स्वयं का CPU architecture — TRON VLSI CPU — भी डिज़ाइन किया, जिसे Hitachi ने Gmicro/200 series के रूप में निर्मित किया।

BTRON desktop variant अपने समय से काफी आगे था। इसमें hypermedia document model आधारित file system और 1.5 मिलियन characters को encode करने की क्षमता थी। जापानी सरकार ने इसे स्कूलों में लागू करने की योजना बनाई थी।

लेकिन 1989 में अमेरिकी सरकार की Super 301 trade barrier रिपोर्ट में BTRON को एक अनुचित व्यापार बाधा के रूप में नामित किया गया। इसके परिणामस्वरूप BTRON की राष्ट्रव्यापी स्कूल तैनाती प्रभावी रूप से समाप्त हो गई।

इस घटना से जुड़ी कुछ conspiracy theories भी प्रचलित हैं, जिनमें Japan Airlines Flight 123 दुर्घटना को TRON developers से जोड़ा जाता है, हालाँकि इसका कोई प्रमाण नहीं है। वहीं SoftBank के संस्थापक Masayoshi Son पर भी BTRON को अंदर से कमज़ोर करने के आरोप लगे।

इस पूरे विवाद के बावजूद, TRON का embedded variant ITRON इतिहास के सबसे व्यापक रूप से deploy किए गए operating systems में से एक बन गया।

स्रोत

xda-developers.com — मूल लेख पढ़ें →