AI時代でもソフトウェア品質が低下し続ける理由
मूल शीर्षक: If coding has been solved, why does software keep getting worse?
यह क्यों महत्वपूर्ण है
AI टूल्स की उपलब्धता के बावजूद सॉफ्टवेयर गुणवत्ता में सुधार न होना, तकनीकी उद्योग की प्राथमिकताओं पर गंभीर सवाल उठाता है।
AI코딩툴이 급속도로 발전하고 있음에도 불구하고, banking앱、Slack、차량 인포테인먼트 시스템 등 일상 소프트웨어의 버그와 품질 저하가 계속되고 있다는 분析이 주목받고 있다。
AI कोडिंग टूल्स तेज़ी से विकसित हो रहे हैं, प्रोग्रामर्स की छंटनी हो रही है और दावा किया जा रहा है कि AI साल के अंत तक 100% कोड लिखेगा। फिर भी, रोज़मर्रा के सॉफ्टवेयर की गुणवत्ता लगातार गिर रही है।
lेखक ने पिछले हफ्ते के अपने अनुभव साझा किए: बैंकिंग ऐप में 3D Secure व्यू आने से पहले औसतन तीन बार FaceID लॉगिन करना पड़ता है। Slack ने macOS पर focus चुरा लिया और git pull कमांड गलती से group chat में चली गई। LG फ्रिज की warranty claim form आखिरी step पर बिना किसी UI संदेश के fail हो गई — error केवल JavaScript console में दिखी। कार का infotainment system अपडेट के बाद और खराब हो गया: turn-signal sound बंद हो जाती है, Google Maps खोलने पर radio app खुलता है, और screen में 1-2 सेकंड की देरी है।
लेखक का तर्क है कि ये सभी टीमें संभवतः latest AI models और generous token budgets का उपयोग करती हैं। समस्या तकनीक में नहीं, बल्कि KPI-केंद्रित संस्कृति में है। bug fixing और stability में सुधार dashboard पर आकर्षक नहीं दिखते, इसलिए नई features को प्राथमिकता दी जाती है। जब तक यह सोच नहीं बदलती, सॉफ्टवेयर की गुणवत्ता का यह क्षरण जारी रहेगा।