Apple Cards ऐप की असली कहानी: Steve Jobs का आइडिया

मूल शीर्षक: Fifteen years later, the Apple Cards origin story

यह क्यों महत्वपूर्ण है

यह किस्सा दिखाता है कि Jobs के एक विचार को product बनाने की असली, उलझी हुई कीमत क्या होती थी।

2011 में Apple ने Cards ऐप लॉन्च किया था, जो iPhone से कस्टम letterpress कार्ड प्रिंट कर भेजता था। यह Steve Jobs का सीधा आइडिया था, जिसका कोडनेम 'Speed Racer' था और इसे बनाना किसी nightmare से कम नहीं था।

2011 में Apple ने iOS 5 के साथ Cards ऐप जारी किया। इसमें यूज़र अपने iPhone से कस्टम letterpress कार्ड डिज़ाइन कर सकते थे, और Apple उन्हें सीधे प्राप्तकर्ता तक डाक से भेजता था। कार्ड 100% cotton paper पर छपते थे — यह बात Apple को इतनी अहम लगी कि उन्होंने Macworld के रिपोर्टर Lex Friedman से शिकायत की कि उन्होंने इसका ज़िक्र नहीं किया।

इस ऐप की असली उत्पत्ति एक शाम Steve Jobs की 'famous walk' से हुई। 2011 में Jobs ने रात के खाने के बाद सैर के दौरान Apple साथियों से कहा — 'क्या अच्छा नहीं होता अगर मैं अभी, इसी वक्त, iPhone से किसी को thank you card भेज सकता?' बस, इसी ख्याल से Cards ऐप बना।

प्रोडक्शन की ज़िम्मेदारी उस printing company को मिली जो पहले से iPhoto के लिए Apple के साथ काम कर रही थी। 'Mike' नाम से पहचाने जाने वाले उस प्रोग्राम मैनेजर ने बताया कि 2010 में 'Downieville' कोडनेम के तहत cotton stock पर fine letterpress printing की तकनीकी चुनौती विशाल थी। इसके लिए upstate New York की एक ऐसी शॉप से काम लिया गया जिसके पास 1850 के दशक के दो दर्जन Heidelberg Letterpress मशीनें थीं। Czech Republic और Japan में भी प्रिंट ऑपरेशन खड़े किए गए। Mike ने इस पूरे प्रोजेक्ट को अपने 30 साल के करियर में 'incompetence, mismanagement और intercontinental mayhem का शिखर' बताया।

स्रोत

lexontech.org — मूल लेख पढ़ें →