यूरोप: AI डेटा सेंटर बनाम जलवायु लक्ष्य
मूल शीर्षक: Europe Wants Data Centers. Its Climate Goals Are Getting in the Way
यह क्यों महत्वपूर्ण है
यह टकराव यूरोप की AI नीति और जलवायु प्रतिबद्धताओं के भविष्य को एक साथ तय करेगा।
जर्मनी ने 2030 तक डेटा सेंटर क्षमता दोगुनी और AI कंप्यूट चौगुनी करने की योजना बनाई, लेकिन 2023 का Energy Efficiency Act बाधा बना। जून 2026 में सरकार ने waste heat पुनर्उपयोग की अनिवार्यता वापस ली।
जर्मनी ने इस साल एक महत्वाकांक्षी योजना पेश की — 2030 तक देश के डेटा सेंटर बेड़े को दोगुना और AI के लिए उपलब्ध compute को चौगुना करना। लक्ष्य था अमेरिका पर AI निर्भरता कम करना और लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था को गति देना। मगर यह महत्वाकांक्षा देश की जलवायु प्रतिबद्धताओं से टकरा गई।
EU सदस्य देशों ने दशक के अंत तक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन 55 प्रतिशत घटाने का संकल्प लिया है। इसी के तहत 2023 में पिछली जर्मन सरकार ने Energy Efficiency Act पारित किया, जिसमें नए डेटा सेंटरों को अपने computer equipment से निकलने वाली waste heat का एक हिस्सा नगरीय हीटिंग सिस्टम जैसे स्रोतों में पुनर्उपयोग करना अनिवार्य था।
जर्मनी के Ministry for Economic Affairs and Energy के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी Patrick Graichen ने WIRED को बताया, "हमें स्वच्छ ऊष्मा चाहिए और डेटा सेंटर उसका स्रोत हैं।" लेकिन जून 2026 में, नियम लागू होने से एक महीने पहले, सरकार ने पीछे कदम खींचे। German Data Center Association ने इस कानून के शुरुआती मसौदे को 'data center prevention act' तक कह दिया था।
संशोधित विधेयक में अब waste heat पुनर्उपयोग अनिवार्य नहीं, केवल संभावना तलाशना जरूरी होगा। इस बदलाव की वजह बनी वह स्थिति जहाँ डेटा सेंटर ऑपरेटरों पर ऐसी जिम्मेदारी थी जो उनके नियंत्रण में नहीं थी — यदि कोई offtake उपलब्ध न हो तो heat कहाँ भेजें। Cundall की Barbara Smitten कहती हैं, "सारा बोझ डेटा सेंटर पर था।"
पिछले 18 महीनों में Stack Infrastructure का Hesse में 3 अरब डॉलर का प्रस्तावित केंद्र रद्द हुआ और Komm.ONE ने Baden-Württemberg परियोजना वापस ली। यही तनाव पूरे यूरोप में दिखता है — AI क्षेत्र में निवेश और जलवायु लक्ष्यों के बीच।