साइबर निर्यात नियंत्रण विफल क्यों होते हैं
मूल शीर्षक: Encryption, spyware, and now Mythos: History shows why cyber export control doesn’t work
यह क्यों महत्वपूर्ण है
यह AI निर्यात नियंत्रण की कार्यकुशलता पर महत्वपूर्ण प्रश्न उठाता है और भविष्य की नीति निर्धारण को प्रभावित करेगा।
अमेरिकी सरकार ने Anthropic को राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं के कारण अपने AI मॉडल Fable और Mythos का निर्यात प्रतिबंधित करने का आदेश दिया। कंपनी ने तुरंत दोनों मॉडल को वापस ले लिया। यह एनक्रिप्शन और स्पाइवेयर जैसी तकनीकों पर निर्यात नियंत्रण के दशकों के प्रयास को प्रतिबिंबित करता है।
Anthropic के शक्तिशाली AI मॉडल Mythos को अप्रैल में लॉन्च करने के बाद, कंपनी ने इसे अत्यधिक सीमित रूप में केवल लगभग 150 सत्यापित कंपनियों और सरकारी संगठनों के लिए उपलब्ध कराया। इसे साइबर सुरक्षा रक्षा उपकरण के रूप में विपणन किया गया था। सरकार का प्रतिबंध दो घटनाओं के बाद आया। पहला: Anthropic ने दक्षिण कोरिया की एक दूरसंचार कंपनी को साझेदारी कार्यक्रम के माध्यम से Mythos तक पहुंच दी, जिस पर अमेरिकी अधिकारियों को चीन से संबंध होने का संदेह था। दूसरा: Amazon के CEO Andy Jassy ने प्रशासन को सचेत किया कि Amazon के शोधकर्ताओं ने Fable 5 की सुरक्षा उपायों को दरकिनार करने का एक तरीका खोजा था। Anthropic ने इसे व्यापक सुरक्षा विफलता के बजाय एक संकीर्ण, पहले से पैच की गई समस्या बताया। Commerce Department ने निर्यात नियंत्रण निर्देश जारी किया, और Anthropic को लगभग 90 मिनट में पहुंच प्रतिबंधित करनी पड़ी। यह दृष्टिकोण नया नहीं है। 1990 के दशक में, अमेरिकी सरकार ने Pretty Good Privacy (PGP) जैसी एनक्रिप्शन तकनीकों को प्रतिबंधित करने का प्रयास किया, लेकिन ये प्रयास अपेक्षाकृत विफल रहे। तकनीक हमेशा निर्यात नियंत्रण से आगे निकल जाती है।