डेनमार्क में AI धोखाधड़ी रोकने को मौखिक परीक्षा अनिवार्य

मूल शीर्षक: Denmark Requires Oral Defenses for Students' Written Work to Counter AI Cheating

यह क्यों महत्वपूर्ण है

AI धोखाधड़ी रोकने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर नीति बनाना वैश्विक शिक्षा प्रणाली के लिए एक मॉडल बन सकता है।

डेनमार्क ने छात्रों की लिखित परियोजनाओं में AI धोखाधड़ी रोकने के लिए मौखिक रक्षा परीक्षा (Oral Defense) को अनिवार्य कर दिया है। यह नीति शैक्षणिक संस्थाओं में AI के दुरुपयोग को नियंत्रित करने की दिशा में उठाया गया सरकारी कदम है।

डेनमार्क सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में AI-आधारित धोखाधड़ी से निपटने के लिए एक नई नीति लागू की है, जिसके तहत छात्रों को अपनी लिखित परियोजनाओं और असाइनमेंट के लिए अनिवार्य रूप से मौखिक परीक्षा (Oral Defense) देनी होगी। इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्रों ने अपना कार्य स्वयं किया है और वे उसकी सामग्री को पूरी तरह समझते हैं।

हाल के वर्षों में ChatGPT जैसे AI टूल्स के बढ़ते उपयोग के कारण दुनियाभर के शैक्षणिक संस्थानों में नकल और अकादमिक बेईमानी की समस्या गंभीर हो गई है। डेनमार्क इस समस्या से निपटने के लिए संरचनात्मक बदलाव लाने वाले पहले यूरोपीय देशों में शामिल हो गया है।

मौखिक परीक्षा की अनिवार्यता से शिक्षक यह परख सकेंगे कि छात्र ने प्रस्तुत कार्य वास्तव में स्वयं किया है या AI से उत्पन्न करवाया है। यह नीति लिखित परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने और मूल्यांकन प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।

स्रोत

mezha.net — मूल लेख पढ़ें →