Amazon, Meta भारत में Google Pay वर्चस्व चुनौती देने हेतु संघर्ष में शामिल
मूल शीर्षक: Amazon, Meta join fight to end Google Pay, PhonePe dominance in India
यह क्यों महत्वपूर्ण है
भारतीय डिजिटल भुगतान बाजार में प्रतिस्पर्धा नियंत्रण का मुद्दा महत्वपूर्ण है।
Amazon और Meta सहित कई बड़ी कंपनियां भारत के तत्काल भुगतान नेटवर्क में PhonePe और Google Pay के प्रभुत्व को लेकर भारतीय भुगतान निकाय से लॉबिंग करने को तैयार हैं। दोनों प्लेटफॉर्म मिलकर UPI लेनदेन का लगभग 80% हिस्सा संभालते हैं।
Amazon Pay, WhatsApp, CRED, MobiKwik और Flipkart के Super.money के प्रतिनिधि गुरुवार को National Payments Corporation of India से मिलने वाले हैं। यह बैठक भारत की Unified Payments Interface (UPI) प्रणाली में PhonePe और Google Pay के वर्चस्व को लेकर है। मार्च में UPI नेटवर्क पर हुए 22.6 अरब लेनदेन में से PhonePe और Google Pay का संयुक्त हिस्सा लगभग 80% था। PhonePe ने इस सप्ताह घोषणा की कि उसके 700 मिलियन पंजीकृत उपयोगकर्ता और 50 मिलियन व्यापारी हैं। भारत सरकार ने UPI ऐप्स की बाज़ार हिस्सेदारी 30% तक सीमित करने की योजना को दिसंबर 2026 तक स्थगित कर दिया था। बैठक में उपयोगकर्ता अधिग्रहण प्रथाओं, उत्पाद डिज़ाइन और UPI पारिस्थितिकी तंत्र में मुद्रीकरण पर चिंताएं व्यक्त की जाएंगी। छोटी कंपनियां निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा के लिए नियामक सहायता और प्रोत्साहन की मांग कर रही हैं।